DVAJ-721 एक उभरती हुई मूर्ति को एक संदिग्ध बार में ले जाया जाता है, बैंगनी धुआँ सूंघा जाता है और एक कामोद्दीपक दवा पिलाई जाती है, जिससे वह स्तब्ध रह जाती है। अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद, उसकी आवाज़ वीआईपी बॉक्स के बाहर किसी तक नहीं पहुँच पाती। उसके स्तनों को सहलाया जाता है, उंगलियाँ उसके शरीर में तब तक घुमाई जाती हैं जब तक वह बेकाबू होकर काँपने नहीं लगती, उसकी टाँगें चौड़ी हो जाती हैं, और उसके चेहरे से वीर्य की धाराएँ ऐसे फूटती हैं मानो आग लगी हो। यह एक नशीली दवाओं से भरपूर रेव पार्टी है जहाँ वह बार-बार चरमसुख तक पहुँचती है जब तक कि वह रुक नहीं पाती। हिनाको मात्सुई - हिनाको मात्सुई
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